आम सवाल, एक्सपर्ट जवाब (Hindi FAQ Guide) April 2025 • हिंदी

पुराने शेयर कैसे निकालें? (2025)

आपके दादा-परदादा या माता-पिता के खरीदे हुए पुराने कागज़ी शेयर आज लाखों की कीमत के हो सकते हैं। जानिए इन्हें वापस पाने का लीगल और सबसे आसान तरीका।

By KMFSL Advisory Board 6 min read

भारत में हज़ारों करोड़ रुपये के शेयर IEPF (Investor Education and Protection Fund) और कंपनियों के पास पड़े हैं। लोग जानकारी के अभाव में अपना पैसा छोड़ देते हैं। KMFSL के एक्सपर्ट्स ने आपके सबसे आम सवालों के जवाब यहाँ दिए हैं।

"मेरे दादाजी ने 1990 में रिलायंस और टाटा के शेयर खरीदे थे। मेरे पास वो पुराने पेपर सर्टिफिकेट हैं। क्या आज वो पैसे निकल सकते हैं?"
KMFSL Expert: बिलकुल निकल सकते हैं! दरअसल, 1990 में निवेश किए गए शेयर आज बोनस और डिविडेंड के साथ लाखों-करोड़ों की वैल्यू तक पहुँच चुके हैं।

सबसे पहले आपको उन फिजिकल शेयरों को डीमैट (Demat) में बदलना होगा। लेकिन अगर 7 साल से ज्यादा समय तक उन पर डिविडेंड क्लेम नहीं किया गया है, तो वो शेयर IEPF (सरकार के फंड) में चले गए होंगे। इसके लिए आपको 'IEPF Form 5' फाइल करना होगा। यह प्रक्रिया थोड़ी कानूनी और जटिल है, जिसमें KMFSL आपकी पूरी मदद कर सकता है।
"जिनके नाम पर शेयर थे, उनका निधन हो गया है। क्या अब ये शेयर बेकार हो गए?"
KMFSL Expert: जी नहीं, शेयर कभी बेकार नहीं होते। ऐसे मामले में कानूनी वारिस (Legal Heirs) जैसे कि बच्चे या पत्नी उन शेयरों के हकदार होते हैं।

इस प्रक्रिया को Transmission of Shares कहा जाता है। आपको मृतक का मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate), सक्सेशन सर्टिफिकेट (Succession Certificate) और कानूनी हलफनामा (Affidavit) कंपनी के RTA (Registrar and Transfer Agent) को भेजना होता है। अगर आपको कोर्ट से सक्सेशन बनवाने में दिक्कत आ रही है, तो हमारी लीगल टीम सारा काम आपके लिए कर सकती है।
"मुझे पता है कि कंपनी बंद हो गई है या उसका नाम बदल गया है। अब मैं पेपर शेयर का क्या करूँ?"
KMFSL Expert: ये एक बहुत ही आम बात है। कई पुरानी कंपनियाँ दूसरी बड़ी कंपनियों में मर्ज हो गई हैं (Merge/Acquisition)। उदाहरण के तौर पर, पुरानी 'सत्यम कंप्यूटर' अब 'टेक महिंद्रा' बन चुकी है।

आपको उन कागज़ों को फेंकना नहीं चाहिए। हम पुरानी कंपनियों के मर्जर हिस्ट्री को ट्रैक करके वर्तमान कंपनी में आपके शेयर के बदले नए शेयर दिलवाते हैं।
"शेयर मेरे ही नाम पर है, पर कंपनी कह रही है कि 'सिग्नेचर मैच' नहीं कर रहा (Signature Mismatch)। अब क्या करूँ?"
KMFSL Expert: 20-30 सालों में इंसान का हस्ताक्षर (Signature) बदलना बहुत ही साधारण बात है। जब भी आपका पुराना सिग्नेचर मैच नहीं करता, तो कंपनी आपके शेयर ट्रांसफर को रोक देती है।

इसका इलाज है: ISR-2 Form (Banker's Verification)। आपको अपने बैंक मैनेजर से अपना वर्तमान सिग्नेचर वेरिफाई करवाकर कंपनी को अटेस्टेड पैन कार्ड के साथ जमा करना होता है।

क्या आपके पास भी पुराने शेयर पड़े हैं?

कानूनी कागज़ों और सरकारी ऑफिसों के चक्कर काटने की ज़रूरत नहीं है। अपनी शेयर की फोटो हमें WhatsApp पर भेजें और हम आपको उसकी वर्तमान वैल्यू बताएँगे।

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