देरी की लागत कैलकुलेटर
जानें कि क्लेम में देरी करने से आपको कितना नुकसान हो सकता है।
अनुमानित अवसर हानि
₹ 0
क्या आप जानते हैं?
भारत में ₹50,000 करोड़ से अधिक की संपत्ति अनक्लेम्ड पड़ी है। इसे वापस पाना आपका अधिकार है, लेकिन प्रक्रिया इतनी जटिल है कि 10 में से 6 लोग बीच में ही हार मान लेते हैं।
DIY (खुद करने) का जोखिम
दस्तावेज़ों में छोटी गलती से क्लेम हमेशा के लिए खारिज हो सकता है।
KMFSL की गारंटी
हमारे विशेषज्ञ हर दस्तावेज़ की 3-स्तरीय जाँच करते हैं।
01 दस्तावेज़ीकरण में छोटी चूक (Documentation Errors)
सरकारी प्रक्रियाओं में "लगभग सही" जैसा कुछ नहीं होता। या तो यह 100% सही है, या यह खारिज है। एक सामान्य व्यक्ति के लिए यह जानना मुश्किल है कि कौन सा एफिडेविट किस फॉर्मेट में चाहिए।
आप क्या गलती कर सकते हैं?
- • नाम की स्पेलिंग में मामूली अंतर (Suresh vs Sures)।
- • पुराने पते का प्रमाण देना जो अब मान्य नहीं है।
- • नोटरी स्टैम्प का गलत जगह होना।
KMFSL विशेषज्ञता
- हम पहले ही नाम सुधार (Name Correction) की कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हैं।
- हमारे पास हर राज्य के स्टैम्प ड्यूटी नियमों का डेटाबेस है।
02 कानूनी उत्तराधिकार को न समझना
मृत्यु के मामलों (Death Claims) में, लोग अक्सर "नॉमिनी" और "कानूनी उत्तराधिकारी" में अंतर नहीं समझते। नॉमिनी केवल ट्रस्टी होता है, मालिक नहीं। अगर वसीयत (Will) नहीं है, तो उत्तराधिकार प्रमाण पत्र (Succession Certificate) अनिवार्य हो सकता है।
जोखिम: कोर्ट कचहरी के चक्कर में लाखों रुपये और साल बर्बाद हो सकते हैं। KMFSL की लीगल टीम आपको सबसे छोटा और सही रास्ता बताती है।
03 फॉलो-अप की कमी (Lack of Follow-up)
IEPF और कंपनियों के पास लाखों फाइलें पेंडिंग हैं। अगर आप सिर्फ ईमेल भेज रहे हैं और जवाब का इंतजार कर रहे हैं, तो आप गलती कर रहे हैं। इन फाइलों को "पुश" (Push) करने की जरूरत होती है।
KMFSL का एडवांटेज: 24/7 क्लाइंट पोर्टल
हम आपको अंधेरे में नहीं रखते। हर क्लाइंट को एक डेडिकेटेड लॉगिन (Portal Access) मिलता है।
- लाइव स्टेटस ट्रैकिंग: घर बैठे देखें कि आपका केस किस स्टेज पर है।
- टिकट सिस्टम: कोई समस्या है? पोर्टल पर लिखें, हम तुरंत समाधान करेंगे।
- ऑटो-एस्केलेशन (Auto-Escalation): अगर देरी होती है, तो सिस्टम अपने आप मामले को सीनियर मैनेजमेंट तक पहुँचा देता है।
04 शेयरों की स्थिति का गलत आकलन
क्या आपके शेयर IEPF में जा चुके हैं? या वे अभी भी कंपनी के पास "Unclaimed Suspense Account" में हैं? दोनों की प्रक्रिया पूरी तरह अलग है। गलत फॉर्म भरने का मतलब है 6 महीने की मेहनत बेकार।
05 प्रोफेशनल मदद को "खर्च" समझना
बहुत से लोग कंसल्टेंसी फीस बचाने के लिए खुद कोशिश करते हैं। लेकिन जब 2 साल बाद भी पैसा नहीं मिलता, तब वे हमारे पास आते हैं। तब तक मामला और उलझ चुका होता है।
समय ही पैसा है (Time is Money)
सोचिए, अगर आपका ₹10 लाख का क्लेम 1 साल पहले मिल जाए, तो उस पर मिलने वाला ब्याज ही हमारी फीस से ज्यादा होगा।
आज ही एक्सपर्ट से बात करें06 अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
KMFSL के बारे में
हम भारत की अग्रणी एसेट रिकवरी फर्म हैं। 15+ वर्षों में हमने हजारों परिवारों को उनकी खोई हुई संपत्ति वापस दिलाने में मदद की है। हम जटिल कानूनी प्रक्रियाओं को आपके लिए आसान बनाते हैं।